श्रावण मास
श्रावण मास सुनते ही मन में एक विशेष उल्लास उत्पन्न हो जाता है यह मास वर्षा ऋतु और प्राकृतिक सौंदर्यका एक अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत करता है। श्रावण मास में ग्रामीण परिवेश का सौंदर्य अत्यंत अद्भुत और अलौकिक हो जाता है, हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार यह वह मांस है जिसमें भगवान शिव की उपासना की जाती है , और अद्भुत कावण यात्रा होती है। सावन सौंदर्य का वर्णन कुछ इस प्रकार है - इस मास में प्रकृति सौंदर्य - जैसे एक अभी - अभी युवा हुई युवती, अपने उन्नत यौवन अंगों को समेटती हुई शर्माती हुई अपने अल्हड़पन में मुस्कराती हुई , हल्की बारिश की फुहारों के बीच नवीन उगी घासों वाले रास्ते पर , हल्के हरे रंग के वस्त्र पहने हुए बालों को हवाओं ने काली घटाओं जैसे बिखेर दिए हों, इंद्रधनुषी दुपट्टे के लहराते हुए आंचल वाली , बरखा की बूंदों सी तप्त हृदय को तृप्त करने वाली ऋतु है ।